मुजफ्फरनगर। मां शाकुंभरी विश्व विद्यालय के कृषि संकाय अध्यक्ष एवं सीसीआर ;पीजीद्ध कॉलेज के हॉर्टिकल्चर विभागाध्यक्ष प्रो. ;डॉ.द्ध आर. के. सिंह ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के लिए अनिवार्य हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि एक सामान्य वयस्क व्यक्ति को वर्ष भर में लगभग 740 किलोग्राम ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, जिसकी पूर्ति के लिए औसतन 7 से 8 परिपक्व पेड़ों की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि एक विकसित पेड़ वर्ष में लगभग 100 से 200 किलोग्राम ऑक्सीजन उत्पन्न करता है और 10 से 25 किलोग्राम कार्बन डाई ऑक्साइड का अवशोषण करता है। प्रो. सिंह के अनुसार भारत में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन लगभग 1500 से 2000 किलोग्राम प्रतिवर्ष है, जिसकी भरपाई के लिए 80 से 100 परिपक्व पेड़ों की आवश्यकता होती है। उन्होंने चिंता जताई कि भारत में प्रति व्यक्ति औसतन केवल 22 से 28 पेड़ उपलब्ध हैं, जबकि वैश्विक औसत लगभग 400 पेड़ प्रति व्यक्ति है। कनाडा, रूस, अमेरिका और चीन जैसे देशों की तुलना में भारत की स्थिति काफी पीछे है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए भारत में प्रति व्यक्ति कम से कम 100 पेड़ों का लक्ष्य निर्धारित किया जाना चाहिए। वृक्ष न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने, तापमान संतुलित रखने, जैव विविधता की रक्षा करने और मानव जीवन को सुरक्षित बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 35 करोड़ पौधे लगाने के संकल्प को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह अभियान स्वच्छ वायु, संतुलित पर्यावरण और हरित भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवनकाल में कम से कम 10 से 20 पेड़ लगाकर उनका संरक्षण करे। प्रो. सिंह ने कहा कि पेड़ लगाना केवल एक कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।





