मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के विज्ञाना रोड पर गुरुवार देर रात पुलिस और अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से शातिर वाहन चोर राजू उर्फ योगेश घायल हो गया, जबकि उसके तीन साथी अनिल, प्रदीप और आसिफ कमाल को पुलिस ने काम्बिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरोह चोरी की गई गाड़ियों पर ‘प्रेस’ लिखकर उन्हें आसानी से विभिन्न राज्यों में ले जाता था। इससे जांच एजेंसियों को भ्रमित करने का प्रयास किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह चोरी के वाहनों को विभिन्न राज्यों से निकालकर पश्चिम बंगाल के रास्ते बर्मा (म्यांमार) तक सप्लाई करता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क है, जो लंबे समय से सक्रिय था। गिरफ्तार वाहन चोरों पर चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब चार दर्जन मुकदमे विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड और वाराणसी क्षेत्र में भी इनके खिलाफ मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार वाहन, एक तमंचा, कारतूस और वाहन चोरी में प्रयुक्त होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। बरामद उपकरणों के आधार पर पुलिस गिरोह की कार्यप्रणाली और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में व्यापक काम्बिंग अभियान चलाया गया। गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है। घायल आरोपी राजू उर्फ योगेश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने इस कार्रवाई को संगठित वाहन चोरी गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर अन्य राज्यों से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा और गिरोह से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के प्रयास किए जाएंगे।




