मुजफ्फरनगर। हरिपुरम कॉलोनी निवासी पवन कुमार ने मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को शिकायत पत्र देकर अवैध निर्माण, कमर्शियल गतिविधियों और अधिकारियों की कथित मिलीभगत की जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रिहायशी क्षेत्र में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों की शिकायत वह पिछले करीब एक वर्ष से कर रहे हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत पत्र में कहा गया है कि एमडीए के एई भरत पाल और जेई जयकरण सिंह पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके भवन पर तीन जुलाई 2025 को सीलिंग की कार्रवाई कर दी गई, जबकि जिन लोगों के खिलाफ उन्होंने शिकायत की थी, उन पर कार्रवाई में देरी की गई। उन्होंने मोनू कुमार और सिकलेन्दर तोमर के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके विरुद्ध वाद दर्ज हैं तथा 20 फरवरी 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश पारित होने के बावजूद कार्रवाई अधूरी है। पवन कुमार ने आरोप लगाया कि सिकलेन्दर तोमर के अधिकारियों से निकट संबंध हैं, जिसके कारण कार्रवाई लंबित रखी जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रभाव और धनबल के कारण अवैध निर्माण को संरक्षण दिया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि उन पर भारी आर्थिक दबाव डाला गया तथा अन्य मोहल्ला निवासियों को भी कथित रूप से झूठी शिकायतों के माध्यम से परेशान किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि अवैध निर्माण और कथित दबंगई के कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने संबंधित अधिकारियों और दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई, निलंबन तथा अवैध निर्माण के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।





