मुजफ्फरनगर। पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने चरथावल क्षेत्र में 15 साल पहले हुई राजेश देवी और उसके छह साल के बेटे हिमांशु की हत्या के मामले में बरेली के रईस उर्फ रहीस उर्फ जहूर हसन को फांसी और पांच लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने शुक्रवार को ही आरोपी को दोष सिद्ध किया था।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक सलेमपुर गांव निवासी सुरेश की पत्नी राजेश देवी अपने छह साल के बेटे हिमांशु के साथ सात नवंबर 2011 को घर से रुड़की जाने के लिए निकली, लेकिन इसके बाद लापता हो गई थी। 13 नवंबर को चरथावल के जंगल में मां-बेटे का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर बरेली के थाना बिशारतगंज क्षेत्र के गांव पराबाहुद्दीनपुर निवासी रईस उर्फ जहूर हसन को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक सुरेश की पत्नी और आरोपी के बीच अवैध संबंध थे। मृतका आरोपी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी। इसी बात को लेकर ईंट से प्रहार कर मां बेटे को मार दिया था। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रेक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर के यहा हुई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में नौ गवाह पेश करते हुए अभियोजन की कहानी को साबित किया। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने अपने फैसले में आरोपी रहीस को फांसी की सजा सुनाते हुए पांच लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है।






