मुजफ्फरनगर। बुधवार देर रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश गुरुवार को दिन भर और शाम तक लगातार जारी रही। करीब 18 घंटे तक हुई झमाझम वर्षा ने पूरे जनपद में जल प्रलय जैसे हालात पैदा कर दिए। शहर से लेकर कस्बों तक हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दिया। कई स्थानों पर सड़कों पर कई-कई फुट पानी भर गया और अंदरूनी मार्ग नदी या नहर जैसे नजर आए।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। हजारों घरों में पानी घुस गया, जिससे घरेलू सामान, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और खाद्यान्न खराब हो गए। दुकानों में भी यही हालात रहे। जिन बाजारों की दुकानें सड़क स्तर से अधिक ऊंची नहीं थीं, वहां पानी भरने से लाखों रुपये का सामान खराब हो गया। व्यापारियों का कहना है कि ऐसी भीषण बारिश कई वर्षों बाद देखने को मिली है। बारिश के चलते शहर की मुख्य सड़कें और चौराहे पूरी तरह जलमग्न हो गए। शिव चौक, कोर्ट रोड, प्रकाश चौक, आर्य समाज रोड, नई मंडी, गांधी कॉलोनी, भगत सिंह रोड, शामली रोड, मेरठ रोड और रुड़की रोड पर दूर-दूर तक पानी भरा दिखाई दिया। कई स्थानों पर पानी की गहराई इतनी अधिक थी कि लोग पैदल चलने से भी डर रहे थे। भारी बारिश के सामने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हुई। नालों और सीवर लाइनों की क्षमता जवाब दे गई, जिसके कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी। कई इलाकों में घंटों तक पानी जमा रहा और लोगों को घरों से बाहर निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जलभराव के कारण शहर में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। कई दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में बंद हो गए। वाहन चालकों को अपने वाहन धक्का देकर निकालने पड़े। प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया और लोगों को घंटों फंसे रहना पड़ा। निचले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों ने पूरी रात पानी निकालने में बिताई। लोगों ने जरूरी सामान ऊंची जगहों पर रखा और मोटर पंप तथा बाल्टियों की मदद से पानी बाहर निकालने का प्रयास किया। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण राहत नहीं मिल सकी। प्रारंभिक आकलन के अनुसार बारिश और जलभराव से करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घरेलू सामान, किराना, कपड़ा, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी लगातार और तेज बारिश कई साल बाद देखने को मिली है। आम तौर पर कुछ घंटों में पानी उतर जाता था, लेकिन इस बार दिन भर बारिश जारी रहने से हालात बेकाबू हो गए और शहर का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया। लगातार बारिश के बाद जल निकासी और प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मौसम विभाग की ओर से आगे भी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया है।





