मुजफ्फरनगर। उ.प्र. अनुसूचित जाति/जनजाति संयुक्त एकता संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मेरठ के रोहटा क्षेत्र की बीए छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि 15 मई 2026 को दलित छात्रा ललिता गौतम की कथित रूप से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, जिससे दलित समाज में गहरा आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है। संगठन ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस प्रशासन ने प्रारंभिक स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया। साथ ही 7 जुलाई 2026 को मेरठ कलेक्ट्रेट में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ पुलिस द्वारा कथित अभद्र व्यवहार किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। संगठन ने मांग की कि मामले की जांच सीबीआई या एसआईटी जैसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर छह माह के भीतर दोषियों को फांसी की सजा दिलाई जाए। इसके अलावा पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की विशेष आर्थिक सहायता, एक आश्रित को सरकारी नौकरी, परिवार और मुख्य गवाहों को स्थायी पुलिस सुरक्षा तथा शस्त्र लाइसेंस उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि मामले में कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए निर्दोष लोगों को रिहा कर उनके मुकदमे वापस लिए जाएं। ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के जिला अध्यक्ष सहित विभिन्न दलित, बौद्ध और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल रहे।





