मुजफ्फरनगर। नई मंडी पुलिस ने निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए फर्जी कंपनी के स्वयंभू एमडी समेत तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दो फर्जी कंपनी बनाकर ठगी का गोरखधंधा चला रखा था। यह भी खुलासा हुआ है कि लालच में आए कई सरकारी कर्मचारियों ने कंपनी में निवेश किया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने सीओ मंडी राजू साव के साथ नई मंडी पुलिस के गुडवर्क को साझा किया। उन्होंने बताया कि नई मंडी पुलिस से मिलकर काफी लोगों ने शिकायत की थी कि लाभ में लालच में आकर उनके द्वारा एक कंपनी में निवेश किया गया था। पहले तो आरोपियों ने लाभ दिया, लेकिन बाद में देना बंद कर दिया। अब मूल रकम वापस करने में भी आनाकाना कर रहे है। आरोपों की जांच कराकर नई मंडी कोतवाली में जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। नई मंडी पुलिस ने स्वयंभू एमडी हरेन्द्र मलिया, दीपक चौधरी निवासी गांधी कॉलोनी और प्रवीन कुमार निवासी आर्यपुरी शेखपुरा को गिरफ्तार कर इस गोरखधंधे का विधिवत खुलासा किया है।
एसएसपी वर्मा ने बताया कि आरोपी गैंग ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दो कंपनी बनाई गई थी। आरोपी पूंजीनिवेश के नाम पर हर माह 7 से 8 प्रतिशत का लाभ देने का झांसा देकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। आरोपियों द्वारा कई करोड़ रूपये का लेन-देन किया गया है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही ठगी की पूरी रकम का खुलासा होगा।






