मुजफ्फरनगर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि ‘एआई’ की मदद से तैयार कराए गए ईद मुबारक के संदेश के चक्रव्यूह में सामाजिक कार्यकर्ता गौहर सिद्दीकी समेत कई लोग फंस गए। इरादा गलत नहीं था, लेकिन एआई जनरेट तस्वीरों को इग्नोर किए जाने के कारण हिंदू संगठनों ने हंगामा किया तो पुलिस को शांति भंग में सिद्दीकी का शांति भंग में चालान करना पड़ा। इसी तरह मीरांपुर, ककरौली और भोपा क्षेत्र में इस तरह की चूक करने वालों को भी कानूनी जकड़न का शिकार होना पड़ा।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एआई जनरेट फोटुओं की भरमार है। एआई की मदद से फोटो और संदेश बनाने की अधकचरी जानकारी के चलते आए दिन किसी न किसी को कानून की मार झेलनी पड़ रही है। इस बार एआई की मदद से ईद मुबारक का संदेश बनवाना मुसीबत बन गया। बरसों से आपसी सद्भाव के लिए संघर्ष करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता गौहर सिद्दीकी ने भी मुबारकबाद देने के लिए ऐसा ही संदेश तैयार कराया था, जिसमें आई आपतिजनक तस्वीर ने बखेडा खड़ा कर दिया। हिंदू संगठनों ने तस्वीर पर सवाल उठाते हुए गौहर सिद्दीकी की घेराबंदी तेज कर दी। गलती का अहसास हुआ तो गौहर सिद्दीकी ने इसके लिए सोशल मीडिया पर जाने-अनजाने में हुई अपनी गलती को स्वीकार भी किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। शहर कोतवाली पुलिस ने गुरूवार सुबह ही गौहर सिद्दीकी को हिरासत में ले लिया। बाद में शांति भंग में उनका चालान कर दिया गया। दोपहर के समय उन्हें जमानत पर रिहा किया गया।
ऐसी ही आपतिजनक पोस्ट को लेकर मीरांपुर, ककरौली और भोपा थाने में कार्रवाई की गई। ढांसरी निवासी जाहिद ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करना भारी पड़ गया। इस तरह रूड़कली के वकीलूद्दीन को गिरफ्तार किया गया।
गलती हुई, भविष्य मे लेंगे सीखः गौहर सिददीकी
मुजफ्फरनगर। जमानत पर बाहर आए सामाजिक कार्यकर्ता गौहर सिद्दीकी ने खुले मन से जाने-अनजाने में हुई अपनी गलती को स्वीकार किया। यह सबकों को पता है कि उनकी मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी, लेकिन एक चूक की वजह से यह सब कुछ हुआ है। वो बरसों से समाज के बीच है और आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक एकता के सबसे बड़े पक्षधर है। वो सामाजिक व्यक्ति है, इसलिए उन्हें अपनी गलती को स्वीकार करने में किसी तरह की शर्मिंदगी नहीं है।






