खतौली। पवित्र कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन खतौली गंग नहर घाट पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली बनी हुई है। प्रतिवर्ष लाखों कांवड़िए इस मार्ग से गुजरते हैं और गंग नहर घाट पर स्नान कर विश्राम करते हैं। इसके बावजूद घाट पर लगी कई रेलिंग टूटी हुई हैं, जबकि कुछ हिस्सों से रेलिंग चोरी होने की भी शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय युवा नेता माधव ठकराल ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन, गंग नहर समिति खतौली और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित किया है।
उन्होंने कहा कि घाट पर टूटी रेलिंग कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, खासकर तब जब हजारों श्रद्धालु यहां स्नान के लिए पहुंचते हैं। माधव ठकराल ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ पिछले कुछ समय में दो बार गंग नहर घाट पर सफाई अभियान चला चुके हैं। इस दौरान उन्होंने घाट पर फैली अव्यवस्थाओं, गंदगी और सुरक्षा संबंधी खामियों को लेकर प्रशासन को अवगत कराया था। उन्होंने कहा कि घाट के कई हिस्सों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है। कांवड़ यात्रा के दौरान रात में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है, ऐसे में अंधेरा दुर्घटना की आशंका बढ़ा सकता है। हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान गंग नहर घाट पर एनडीआरएफ की टीम मोटरबोट के साथ 24 घंटे तैनात रहती है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। बावजूद इसके, यदि घाट की मूलभूत सुरक्षा व्यवस्था ही कमजोर रहेगी तो हादसों का खतरा बना रहेगा। माधव ठकराल ने मांग की है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले टूटी रेलिंग की मरम्मत कराई जाए, चोरी हुई रेलिंग दोबारा लगाई जाए और घाट पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।





