मुजफ्फरनगर। शहर में कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही गुंडई शुरू हो गई। डीजे कांवड़ की छत से शिवभक्तों को नीचे उतारने के विवाद में दबंगई दिखाते हुए कांवडियों ने न केवल पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया, जिसमें एक पत्रकार के हाथ की उंगली में फैक्चर आ गया। यही नहीं शहर कोतवाल को पांच मिनट में वर्दी उतरवाने और आग लगाने तक की धमकी की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। मीडिया कर्मियों की तरफ से इस मामले में नामजद शिकायत दर्ज कराई गई है।
शहर के सबसे संवेदनशील शिव चौक पर शुक्रवार रात जमकर बवाल हुआ। दरअसल शुक्रवार रात उंची हाइट वाली कांवड़ आई थी। बारिश और ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों को देखते हुए शहर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार शर्मा ने डीजे की छत पर खड़े लोगों से नीचे उतरने का अनुरोध किया। पुलिस का कहना था कि बारिश के मौसम में करंट का गंभीर खतरा हो सकता है और किसी भी हादसे से बचने के लिए यह जरूरी है। सुरक्षा संबंधी इस अनुरोध को मानने के बजाय कुछ लोग पुलिस से उलझ गए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कांवड़ शिव चौक तक पहुंच गई, जहां हालात पूरी तरह तनावपूर्ण हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस लगातार समझाने का प्रयास करती रही।
सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा ने शिवभक्तों को समझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। यही नहीं शहर कोतवाली प्रभारी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। यहां तक कि पांच मिनट में वर्दी उतरवाने की धमकी दी गई। वायरल वीडियो में कुछ लोग पुलिसकर्मियों को खुलेआम धमकाते, धक्का देते और कानून व्यवस्था को चुनौती देते दिखाई दे रहे हैं। यही नहीं कवरेज कर रहे पत्रकार भी हंगामा करने वालों के निशाने पर आ गए। कई पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की गई, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार वरूण शर्मा, पंकज बालियान और यश चौधरी को चोटें आई। वरूण के एक हाथ की उंगली में फैक्चर बताया गया है। इस मामले में गुंडई दिखाने वालों के खिलाफ वरूण शर्मा की तरफ से तहरीर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था भंग करने, पुलिस कार्य में बाधा डालने तथा पत्रकारों से अभद्रता करने वालों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







