बुढ़ाना। अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर शुक्रवार को बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष में जनजागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से लोगों को अवगत कराते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए कपड़े, जूट और पेपर बैग के उपयोग का संदेश दिया गया।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर देशभूषण के निर्देशन तथा सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक अभिनव राज के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव कुमार ने किया। उन्होंने अतिथि जिला समन्वयक रिया सिंह और बाल विकास परियोजना अधिकारी सुमन तोमर का स्वागत किया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस की थीम “एकल-उपयोग प्लास्टिक से मुक्ति : एक स्थायी भविष्य की ओर” रही। इस अवसर पर “प्लास्टिक का थैला, पर्यावरण करे मैला” विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में विजेता रश्मि को डॉ. राजीव कुमार ने सम्मानित किया। कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक वर्ष तीन जुलाई को मनाया जाने वाला यह दिवस लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने, वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम में सुपरवाइजर शिवानी और दीपा की विशेष भूमिका रही। बाल विकास परियोजना बुढ़ाना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। अंत में बाल विकास परियोजना अधिकारी सुमन तोमर ने सभी से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।





