पुरकाजी। क्षेत्र में करंट से जुड़े दो अलग-अलग हादसों ने बिजली व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर गोधना गांव में ट्यूबवेल के पानी में करंट आने से किसान की मौत हो गई, वहीं कस्बे के खेड़ा दरवाजा मोहल्ले में लोहे के बिजली खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से एक कटरे की मौत हो गई और भैंस घायल हो गई। दोनों घटनाओं के बाद लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली।
गोधना गांव निवासी 55 वर्षीय किसान फरजन्द अली शनिवार शाम अपने खेत में ट्यूबवेल चला रहे थे। प्यास लगने पर वह ट्यूबवेल से पानी पीने पहुंचे। इसी दौरान पानी में करंट आने से वह अचेत होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोग उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। उधर, रविवार को कस्बे के मोहल्ला खेड़ा दरवाजा में मास्टर तौकीर के घेर के बाहर लगे लोहे के बिजली खंभे में करंट उतर आने से युसूफ खां की भैंस और उसका कटरा उसकी चपेट में आ गए। हादसे में कटरे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भैंस घायल हो गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित बिजली खंभे में पहले भी कई बार करंट उतर चुका है और इसकी चपेट में कई पशु अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने स्थायी समाधान नहीं किया। सूचना पर कस्बा इंचार्ज सुनील कुमार और दीवान अरुण कुमार मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। वार्ड-6 के सभासद शाह आलम गौड़ ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। ग्रामीणों ने दोनों घटनाओं को गंभीर बताते हुए बिजली विभाग से विद्युत लाइनों और खंभों की तत्काल जांच कराने तथा आवश्यक मरम्मत कर भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की।





