मुजफ्फरनगर। गोपनीय इनपुट के आधार पर पूर्व में प्रकाश में आए लुटेरों और चोरों के घरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर सत्यापन किया गया। सुबह छह बजे से लेकर 10 बजे तक पुलिस इसी प्रक्रिया में जुटी रही। कोई घर पर मिला तो कोई नदारद। पुलिसकर्मियों ने एक-एक के साथ वीडियो और फोटोग्राफी की। हिदायत दी गई कि यदि किसी घटना में उनकी संलिप्तता पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन ने गोपनीय इनपुट के आधार पर सुबह छह बजे से लेकर दस बजे तक लूट और चोरी में पूर्व में प्रकाश में आए आरोपियों के सत्यापन करने के निर्देश दिए। मुजफ्फरनगर जोन के थानों की पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में लूट और चोरी की घटनाओं में शामिल रहे आरोपियों की तलाश में उनके घरों पर दबिश दी। जो आरोपी घर पर मिले उनसे आय के स्रोत संबंधी सवाल किए गए। साथ ही एक सप्ताह के लोकेशन के बारे में जानकारी ली गई। सिविल लाइन पुलिस के सत्यापन में अनुराग निवासी एकता विहार, सदर बाजार निवासी अक्षय उर्फ राहुल भी अपने घर पर मिला, जबकि जनकपुरी निवासी मनोज घर पर नहीं मिला। बताया गया है कि वह टैक्सी लेकर नोएडा गया हुआ। जबकि अभिषेक के बारे में बताया गया कि वह अब नोएडा की किसी फैक्टी में काम कर रहा है। पुलिसकर्मियों ने आरोपियों और परिजनों के बयानों की वीडियोग्राफी की गई।
एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि अभियान के तहत सैकडों आरोपियों के घरों पर पुलिस द्वारा दस्तक देकर उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई। काफी आरोपी घर पर मिले, जिन्हें हिदायत दी गई कि वो किसी भी अपराध में संलिप्त होने की कोशिश न करे, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जो लोग घर पर नहीं मिले, उनके परिजनो के बयानों के आधार पर आगे की जांच पड़ताल की जा रही है। यदि बयान सही नहीं मिले तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।









