मुजफ्फरनगर। ककरौली पुलिस ने फर्जी मार्कशीट बनाने और जाली दस्तावेजों से नामचीन अस्पतालों में नौकरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 10 लोगों को बड़ी संख्या में फर्जी मेडिकल डिप्लोमा और मार्कशीटों के साथ दबोचा है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने ककरौली पुलिस के गुडवर्क को मीडिया से साझा किया। उन्होंने बताया कि ककरौली पुलिस ने गोपनीय इनपुट के आधार शिवानन्द, मनीष निवासी मीरापुर, कुलदीप निवासी जानी खुर्द मेरू,इस्माइल निवासी मेरी, आदिल निवासी मेरठ, रितेश निवासी कंकरखेड़ा, जयंत भारती निवासी बहसूमा, सचिन पाल निवासी जानसठ, संदीप निवासी मेरठ और नितेश को गिरफ्तार किया है। आरोपियो के पास से 10 मोबाइल, 17 फर्जी डिप्लोमा और मार्क्स, प्रिंटर, कंप्यूटर और बाइक बरामद हुई है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि गिरोह का सरगना कुलदीप द्वारा इस्माइल की मदद से विभिन्न व्यक्तियों का डाटा एकत्र किया जाता था, जिसके आधार पर फर्जी नर्सिंग एवं मिड वाइफरी डिप्लोमा, मार्कशीट और दूसरे दस्तावेज तैयार कर 25 हजार रुपये तक बेचे जाते थे इसी आधार पर कुछ लोगों द्वारा निजी अस्पताल में नौकरी की जा रही थी। इनमें से पांच लोगों को मेरठ के तीन अस्पतालों से दबोचा गया। यह सीधे तौर पर मरीजों के जीवन से खिलवाड़ से जुड़ा मामला है, क्योंकि पकड़े लोग आईसीयू आदि मेडिकल इमरजेंसी में काम कर रहे थे।






