मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद के आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों और ड्राइवरों ने नई आउटसोर्सिंग व्यवस्था का विरोध करते हुए प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संयुक्त सफाई कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले धरना-प्रदर्शन और हड़ताल की जाएगी।
संयुक्त सफाई कर्मचारी संघर्ष मोर्चा की ओर से नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पिछले कुछ समय से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और ड्राइवरों को नई कंपनियों के माध्यम से कार्य कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे उनका शोषण हो रहा है। कर्मचारियों ने इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग ड्राइवरों को किसी अन्य कंपनी में स्थानांतरित न किए जाने, पूर्व ठेका कंपनी द्वारा किए गए कथित पीएफ घोटाले की जांच कर कर्मचारियों का बकाया पीएफ भुगतान कराने, शासनादेश के अनुरूप ठेका कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने, अवकाश के दिन कार्य करने पर अतिरिक्त भुगतान देने तथा सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव शीघ्र कराने की मांग शामिल है। इधर, नगर पालिका परिसर में आयोजित कर्मचारियों की बैठक में संयुक्त सफाई कर्मचारी संघर्ष मोर्चा का गठन भी किया गया। इसमें रोहिल वाल्मीकि को संरक्षक, पालेराम को अध्यक्ष तथा राजेश ऊटवाल और चमनलाल डिंगान को महामंत्री बनाया गया। इसके अलावा विभिन्न पदों पर अन्य कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि दो दिन के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।





