मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (सेवक) ने किसानों को राजस्व अभिलेखों से जुड़ी परेशानियों से राहत दिलाने के लिए ‘एक गांव-एक फर्द’ एवं समेकित खसरा व्यवस्था लागू किए जाने की मांग उठाई है। संगठन के पदाधिकारियों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे भाकियू (सेवक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी विनीत त्यागी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में किसानों की भूमि यदि कई खसरों में दर्ज है तो उन्हें प्रत्येक खसरे की अलग-अलग फर्द प्राप्त करनी पड़ती है। इससे किसानों को अपनी कुल भूमि और हिस्सेदारी की जानकारी जुटाने के लिए बार-बार राजस्व विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा अंश निर्धारण को सुव्यवस्थित करने के लिए गांव-गांव विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जो स्वागत योग्य कदम है। हालांकि किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक गांव में किसान की समस्त भूमि और हिस्सेदारी का विवरण एक ही समेकित फर्द में उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ज्ञापन में कहा गया कि ‘एक गांव-एक फर्द’ व्यवस्था लागू होने से किसानों का समय और धन दोनों बचेंगे। साथ ही राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों और विवादों की संभावनाएं भी कम होंगी। संगठन का कहना है कि इससे शासन की पारदर्शिता बढ़ेगी और किसान हितों को भी मजबूती मिलेगी। भाकियू (सेवक) ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-रजिस्ट्री व्यवस्था में भी समेकित फर्द की व्यवस्था लाभकारी साबित होगी। इससे भूमि खरीदने और बेचने वाले दोनों पक्षों को स्वामित्व और हिस्सेदारी संबंधी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। संगठन ने मुख्यमंत्री से किसानों के हित में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी विनीत त्यागी सहित अन्य पदाधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।





