मुजफ्फरनगर। जिले में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर प्रशासन भले ही बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। मतदाताओं तक गणना प्रपत्र न पहुंचने से लोगों में भारी असमंजस व्याप्त है। घर-घर संपर्क की बात कही जा रही है, परन्तु कई इलाकों में एसआईआर का नामोनिशान तक नहीं दिख रहा। बीएलओ तक नहीं पहुंच रहे। ऐसे में अगर यह कहा जाये कि एसआईआर पूरा होने के बाद लाखों मतदाताओं का नाम सूची में से उड़ जायेगा तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी।
सवाल यह उठता है कि चल रही एसआईआर प्रक्रिया की खामियों के चलते आखिर मतदाता कहां जाएं, किसके पास जाएं? बीएलओ की कमी और मौजूदा बीएलओ की लापरवाही अभियान की रफ्तार थामे हुए है। 21 लाख से अधिक मतदाताओं के लिए सिर्फ 1982 बीएलओ, 205 सुपरवाइजर और 870 पद भिहित अधिकारी तैनात किये गये हैं। यानी एक-एक बीएलओ के जिम्मे हजारों मतदाता हैं। लोगों की शिकायत है कि बीएलओ घर-घर न जाकर एक ही स्थान पर बैठ जाते हैं। ऐसे में क्षेत्रवासियों को उनकी हाजिरी की कोई सूचना तक नहीं मिल पाती। 15 नवंबर अंतिम तारीख बीतने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग फॉर्म से वंचित हैं। वोटर लिस्ट के मुद्दे पर शोर मचाने वाले राजनैतिक दल भी इस अभियान में खास भूमिका निभाते नहीं दिख रहे। मतदाताओं को न दिशा मिल रही, न सहयोग। यहां ये बताते चलें कि वर्ष 2025 में जिले की कुल अनुमानित जनसंख्या 33,99,706 है। जिनमें पुरुष 17,94,899 व महिलाएं 16,04,807 हैं। इनमे से कुल वर्तमान मतदाता 21,12,568 हैं। जिनमे पुरुष 11,24,371 एवं महिला 9,88,090 हैं। जनपद में कुल मतदान केंद्र 870 व मतदेय स्थल 1982 हैं। एसआईआर प्रक्रिया की जटिलता में सबसे बड़ा खतरा यह है कि तैयार होने जा रही मतदाताओं की सूची में नाम हट सकता है। फॉर्म न भरने वाले मतदाता आगामी चुनावों में वोट देने से वंचित हो सकते हैं। यदि यही रफ्तार और अव्यवस्था रही, तो यह महाअभियान मतदाताओं के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
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2003 की मतदाता सूची बनी मुसीबत
मुजफ्फरनगर। एसआईआर प्रक्रिया के तहत फॉर्म में मांगी गई कई जानकारियां मतदाताओं को परेशान कर रही हैं। जिसमे 2003 की वोटर लिस्ट में नाम रिश्तेदार का ईपिक नंबर ढूंढने की शर्त मुख्य है। अनेक परिवारों के 20 वर्ष में निवास बदल चुके हैं। अधिक कागजी प्रक्रिया ग्रामीण व अशिक्षित वर्ग के लिये मुसीबत बन रही है। हालांकि जिनके आधार नंबर पहले से जुड़े हैं, उन्हें राहत मिल रही है।
प्रशासन दावों पर भारी मतदाताओं की मुश्किलें
मुजफ्फरनगर। प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि तुरंत फॉर्म भरें और समस्या होने पर टोल फ्री नंबर 1950 पर शिकायत दर्ज करें, क्योंकि एसआईआर का लक्ष्य शत-प्रतिशत मतदाता सूची तैयार करना है। उधर मतदाताओं का सवाल जब फॉर्म ही नहीं पहुंचा, तो उसे भरें कैसे? लोगों की मांग है कि बीएलओ की संख्या बढ़ाई जाए, अभियान की समय सीमा बढ़े और जानकारी देने का तरीका प्रभावी बने।






