मुजफ्फरनगर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा को जन सुनवाई के दौरान पति के इशारे पर एक महिला को अपने दो बच्चों की हत्या कर खुद आत्महत्या की धमकी देना महंगा पड़ गया। महिला ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमें में क्राॅस रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए यह दबाव बनाया था। इस धमकी के बाद महिला और उसके पति को हिरासत में ले लिया गया। बाद में दोनों के लिखित में गलती की माफी मांगने पर छोड़ दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा गुरूवार को अपने आॅफिस में रोजमर्रा की तरह जन शिकायतें सुन रहे थे। इसी बीच फुगाना क्षेत्र की एक महिला अपने पति के साथ वहां पहुंची। महिला ने करीब एक माह पहले तीन लोगों पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। शिकायत को गंभीरता से लेकर थाने से जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि उनके खिलाफ पहले से मुकदमा दर्ज है। एसएसपी ने महिला को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद महिला धमकी पर उतर गई। महिला ने कहा कि यदि दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो वह अपने दोनों बच्चों की हत्या कर खुद आत्महत्या कर लेगी। एसएसपी ने महिला को समझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन महिला बादस्तूर अपनी धमकी को दोहराती रही। इसके बाद जनसुनवाई के दौरान महिला पुलिसकर्मी उसे लेकर महिला थाने चली गई। इसके बाद महिला के पति को थाने बैठा लिया गया। थाने जाकर महिला और उसके पति को अपनी गलती का अहसास हुआ। लिखित में माफी मांगे जाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। एसएसपी संजय कुमार वर्मा का कहना था कि महिला के आरोप को सुना गया था, लेकिन इसके बावजूद हत्या और आत्महत्या की धमकी देकर नाजायज दबाव बनाने की कोशिश की गई।






