मुजफ्फरनगर। क्रांति सेना महिला मोर्चा ने नगर पालिका अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और पर्यावरण नष्ट करने का गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन की जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने अन्य पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायत पत्र में बताया कि 12 अक्टूबर 2025 को शहर के एकमात्र कम्पनी बाग (कमला नेहरू वाटिका) से पालिका के ठेकेदार और कर्मचारियों द्वारा दर्जनों हरे-भरे फलदार पेड़ अवैध रूप से काटे और कुछ को जड़ से उखाड़कर गायब कर दिया गया।
क्रांति सेना महिला मोर्चा ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के सात वेतनभोगी कर्मचारी होने के बावजूद यह घटना संभव हुई, जो प्रशासनिक साजिश की ओर संकेत करती है। पालिका अधिकारियों और नगर स्वास्थ्य अधिकारी की चुप्पी इस मामले में उनकी संलिप्तता की आशंका को और मजबूत करती है। संगठन ने बताया कि मुजफ्फरनगर देश के प्रदूषित शहरों में से एक है और कंपनी बाग ही ऐसा स्थल है जहाँ लोग सुबह-शाम ताजी हवा का आनंद लेते हैं। लेकिन पालिका के भ्रष्ट रवैये के कारण इस बाग का अस्तित्व खतरे में है। इससे पहले भी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से पेड़ काटकर गायब कर दिए गए थे। ज्ञापन में पालिका द्वारा सफाई के लिए रखी कंपनियों में कर्मचारियों का शोषण, पीएफ राशि रोकने और विकास कार्यों में कमीशनखोरी जैसी अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया। संगठन ने 419 कर्मचारियों के लंबित पीएफ भुगतान की भी तुरंत मांग की। क्रांति सेना महिला मोर्चा ने जिलाधिकारी से मांग की है कि कंपनी बाग के पेड़ों की अवैध कटाई में शामिल ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और इस मामले में पालिका अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।






