मुजफ्फरनगर। नाले के पास स्थित दुर्गा पंचायती मंदिर, रामलीला टिल्ला में इस वर्ष भगवान श्री महाकाल भैरव जी का 44वां जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और शास्त्रोकित विधि-विधान से मनाया गया। यह दिव्य आयोजन तंत्र-मंत्र-यंत्र अनुष्ठान एवं ज्योतिष विशेषज्ञ आचार्य पंडित केशवानंद पंत जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ। इस दौरान आचार्य पंडित केशवानंद पंत जी ने बताया कि कलियुग में भगवान शिव ने मानव के कल्याण हेतु काल भैरव के रूप में अवतार लेकर सभी प्रकार की विपत्तियों, भय और रोगों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया। इसी उद्देश्य से यह भव्य उत्सव आयोजित किया जाता है, ताकि श्रद्धालु भैरव बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर कष्टों से मुक्ति पा सकें।बुधवार को प्रातः 9 बजे गणेश पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ आयोजन का शुभारंभ हुआ। इसके बाद प्रातः 10 बजे काल व बटुक भैरव पाठ हुआ। जिसमें सैकड़ो श्रद्धालुओ ने प्रतिभाग किया। आचार्य पंडित केशवानंद पंत जी ने बताया कि भैरव बाबा के समक्ष चैमुखी दीपक जलाने से सभी कार्य सिद्ध होते हैं। उड़द दाल व ईमरती का प्रसाद अर्पित करने से रोगों का नाश होता है। भैरव चालीसा का 41 दिन पाठ करने से मनोरथ पूर्ण होते हैं। रविवार को चोला चढ़ाने से शत्रु भय व राजकीय भय समाप्त होता है। शनिवार को तेल दीपक में उड़द के 108 दाने अर्पित करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इस आयोजन में सचिन पंत (सी.ए.), मैसर्स सचिन पंत एंड एसोसिएट्स, तथा समस्त महाकाल भैरव भक्त मंडल का सक्रिय रूप से सहयोग रहा। इस अवसर पर रमेश शास्त्री, संदीप शास्त्री, अभिषेक पुरोहित, अनिल शास्त्री, भीम शास्त्री, रोहित शास्त्री, प्रवेश शास्त्री आदि ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना कराई। मुख्य यजमान के रूप में अवधेश गौतम, प्रदीप गुप्ता, संदेश कौशिक, अंकित गुप्ता, ओमसिंह प्रधान, सचिन पंत, राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे। उधर कल्लरपुर कछोली स्थित बाबा भैरवनाथ की सिद्धपीठ पर भी प्रत्येक वर्ष की भांति विशेष आयोजन किया गया जिसमें जनपद भर से श्रद्धालु बाबा भैरवनाथ का पूजन करने के लिए पहुंचे।








