मुजफ्फरनगर। भारतीय ई-रिक्शा मजदूर यूनियन के तत्वावधान में शुक्रवार को सैकड़ों ई-रिक्शा चालकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन पर जबरन लागू की गई रूट व्यवस्था से उनकी रोज़ी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार गौतम के नेतृत्व में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन यदि रूट व्यवस्था लागू करना चाहता है, तो ई-रिक्शा चालकों को भी उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के समान 10 रूपये प्रति किलोमीटर किराया तय किया जाए, अन्यथा मौजूदा रूट प्रणाली को तत्काल समाप्त किया जाए। उन्होंने मांग रखी कि
आरटीओ द्वारा विशेष शिविर लगाकर लाइसेंस, फिटनेस व इंश्योरेंस निःशुल्क जारी किए जाएं। चालान व वसूली के नाम पर हो रही अवैध वसूली बंद की जाए। दुर्घटना की स्थिति में 5 लाख रूपये का मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। गरीब ई-रिक्शा चालकों को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में प्राथमिकता मिले।ई-रिक्शा मजदूर क्रेडिट कार्ड योजना लागू करते हुए 5 लाख रूपये तक की क्रेडिट लिमिट, मात्र 4 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराई जाए।पुरानी या बिना नंबर वाली ई-रिक्शा वाले चालकों को निःशुल्क नई ई-रिक्शा दी जाए।प्रदर्शन के दौरान यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि वे गरीब मजदूर परिवारों का पेट पालते हैं। रूट उल्लंघन के नाम पर बार-बार चालान और लोन की भारी किस्तों ने उनका जीना मुश्किल कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पुकार सुनी जाए, वरना आंदोलन और तेज होगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, पुलिस अधीक्षक और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भी भेजी गई है।






