एसएसपी संजय वर्मा के निर्देश पर जिले में शुरू हुई सत्यापन की कार्रवाई
दिल्ली बम विस्फोट में कश्मीरी डाक्टरों के मॉडयूल उजागर होने के बाद बरती जा रही सतर्कता
जिले के कई कॉलेजों और मदरसों में कश्मीरी चिकित्सक और छात्रों की है मौजूदगी
मुजफ्फरनगर। दिल्ली के बम विस्फोट में कश्मीरी डाक्टरों के मॉडयूल उजागर होने के बाद मुजफ्फरनगर का पुलिस- प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। जिले में रहने वाले कश्मीरियों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है, ताकि संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। जिले के कई कॉलेजों और मदरसों में कश्मीरी चिकित्सकों और छात्रों की मौजूदगी बताई गई है। इस लिहाज से उनके इतिहास और ट्रेवल्स हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है। दिल्ली के लाल किले पर कार में हुए बलास्ट के मामले में कश्मीरी डाक्टरों की संलिप्तता उजागर होने के बाद देश की खुफिया एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है। पकड़ी गई डा. शाहीन, मुजम्मिल आदि ने देश और विदेशों में नेटवर्क बनाया हुआ है। इनके संपर्क में पाकिस्तान सेना के डाक्टर समेत कश्मीरी मूल के कई और डॉक्टर और छात्र बताए गए है। इसी लिहाज से 200 से अधिक चिकित्सक और छात्र जांच एजेंसियों के रडार पर है। इसके तहत ही जम्मू कश्मीर, यूपी, हरियाणा, उत्तराखंड आदि राज्यों में संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। दिल्ली कार बलास्ट के बाद से जिले में पुलिस और खुफिया एजेंसी सक्रिय है। मुजफ्फरनगर जिले में कई ऐसे संस्थान है, जहां पर कश्मीरी चिकित्सकों और छात्रों की बड़ी संख्या में उपस्थिति है। छपार, भोपा और मंसूरपुर के इन संस्थानों में कश्मीरियों के रिकार्ड को खंगाला जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनका जुड़ाव किसी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में तो नहीं है।
सतर्कता बरतने के साथ की जा रही है रूटीन चैकिंग
मुजफ्फरनगर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि दिल्ली में हुए कार बलास्ट के बाद से जिले भर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। बार्डर के अलावा भीड़-भाड़ वाले इलाकों में संदिग्धों की धरपकड़ को चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले में काम करने और शिक्षा ग्रहण करने वाले कश्मीरी छात्रों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस-प्रशासन का मकसद कश्मीरी छात्रों को परेशान करने का नहीं है। रूटीन की तरह जांच खुफिया एजेंसियां अपना डाटा अपडेट कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कुछ भी संदिग्ध लगे, उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराए। उनकी पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।






