मुजफ्फरनगर। हिंदू संघर्ष समिति ने जनपद लक्ष्मी नगर में आगामी सनातन धर्म संसद आयोजित करने का ऐलान किया है। समिति की विशेष बैठक नरेंद्र पंवार (संयोजक) के आवास पर आयोजित हुई, जिसमें समिति के संरक्षक ललित मोहन शर्मा (क्रांति सेना अध्यक्ष) और अमित गुप्ता (एकल अभियान भाग उपाध्यक्ष) उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता रवि चौधरी (विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के जिला संयोजक) ने की, जबकि संचालन श्री अरुण प्रताप सिंह (अखिल भारतीय हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय संयोजक) ने किया। बैठक में लगभग पैंतीस संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। यहां सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी रविवार, 7 दिसंबर 2025 को तीर्थस्थली शुक्रतीर्थ में भव्य सनातन धर्म संसद का आयोजन किया जाएगा। सभी उपस्थित संगठनों ने कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। बैठक में धर्म संसद के लिए चर्चा किए गए मुख्य विषयों में भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की माँग, केंद्र सरकार से सनातन बोर्ड के गठन की माँग, सामाजिक एकता, समरसता का विस्तार एवं जातिगत भेदभाव का उन्मूलन, जनसंख्या नियंत्रण और समान नागरिक संहिता कानून की आवश्यकता, राष्ट्र निर्माण में संत समाज की सक्रिय भूमिका, मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा हेतु ठोस कानून बनाने की माँग, सनातन धर्म प्रचारकों और साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, धर्मांतरण (कन्वर्ज़न) पर पूर्ण प्रतिबंध की माँग रहे।
सनातन धर्म संसद का आयोजन श्री बालाजी योग विज्ञान अनुसंधान केंद्र (महाशक्ति सिद्धपीठ), शुक्रतीर्थ में किया जाएगा। हिंदू संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने धर्मप्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सनातन विचारधारा से जुड़े नागरिकों से इस महाधर्मसभा में उपस्थित होकर धर्म, समाज और राष्ट्र के उत्थान में योगदान देने की अपील की। यहां विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, क्रांति सेना, शिवसेना, हिंदू जागरण मंच, अखिल भारतीय हिंदू शक्ति दल, विश्व हिंदू महासंघ, धीर सिंह पुंडीर संघर्ष समिति, अखिल भारतीय करणी सेना, छत्रपति शिवाजी सेना, राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी, समन्वय स्तंभ, एकल अभियान, तेजस फाउंडेशन, नवीन मंडी व्यापार संघ, शहीद भगत सिंह एकता मंच, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापारी सुरक्षा संगठन, एंटी करप्शन, हिंदू सुरक्षा सेवा संघ और अन्य 35 से अधिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।






