मुजफ्फरनगर। बसपा के संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर 9 अक्तूबर को लखनऊ में होने वाली महारैली को सफल बनाने के लिए पार्टी संगठन ने कमर कस ली है। जिले से कार्यकर्ताओं की 100 बसें ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, इसके लिए जिले के पदाधिकारियों और विधानसभाओं प्रभारी को जिम्मेदारी दी गई है।
बसपा प्रमुख मायावती ने प्रस्तावित 2027 के चुनाव के मद्देनजर संगठन को नए सिरे से गतिशील बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसी कड़ी में बसपा संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ में बड़ी महारैली आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश भर के लाखों लोगों के पहुंचने का अनुमान है। मुजफ्फरनगर जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को ले जाने की तैयारी चल रही है। इसी कड़ी में बसपा के पूर्व सांसद मुनकाद अली और गिरीश जाटव यहां आकर 100 बसों का टारगेट दे चुके है। छोटे वाहन और ट्रैन से जाने वालों की संख्या अलग है।
बसपा के जिला कोषाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि महारैली को लेकर कार्यकर्ता बेहद उत्साहित है। उन्होंने दावा किया कि 9 अक्टूबर को लखनऊ की सड़कों पर सर्व समाज का मेला नजर आएगा। उन्होंने बताया कि जिले के बसपा पदाधिकारियों और विधान सभा प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, जो अपने-अपने क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में रैली में पहुंचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।






