खतौली। राष्ट्रीय मध्यान्ह भोजन रसोइया एकता मंच के तत्वावधान में रसोई माताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। रसोई माताओं ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में काम कर रही रसोई माताओं के वेतन, सुरक्षा और कार्य संबंधी अधिकारों का सुनिश्चित होना अत्यंत आवश्यक है। धरने में उपस्थित रसोई माताओं ने सरकार से मांग की कि समिति अध्यक्षों की नियुक्ति समाप्त कर सीधे रसोई माताओं की भर्ती की जाए, 60 वर्ष की आयु पर वेतन का आधा पेंशन के रूप में मिले, तथा रसोई माताओं का मानदेय प्रतिमाह कम से कम 15,000 रुपये तय किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालयों में रसोई माताओं को सफाई का अतिरिक्त काम न दिया जाए और दुर्घटना की स्थिति में 5 लाख रुपये का बीमा सुनिश्चित किया जाए। रसोई माताओं ने यह भी मांग की कि सरकारी स्कूलों में गैस सिलेंडर की उचित व्यवस्था हो, चूल्हों को सुरक्षित बनाया जाए, वेतन समय पर उनके निजी खाते में जमा किया जाए और चुनाव या अन्य कार्यों के समय उन्हें उचित पारिश्रमिक दिया जाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष काजल ने कहा कि पूरे राज्य में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की कड़ी निगरानी होनी चाहिए और प्राइवेट स्कूलों व मदरसों को मान्यता न दी जाए, ताकि सरकारी विद्यालयों में बच्चों की संख्या में वृद्धि हो और शिक्षा व भोजन कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित हो सके। धरने में रसोई माताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरी नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।






