मुजफ्फरनगर। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, मेरठ प्रांत के निर्देशन में आयोजित सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम–2 बुधवार को भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी में गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ।
कार्यक्रम प्रभारी एवं वरिष्ठ आचार्या ऋतु गोयल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का उद्देश्य एवं स्वरूप प्रस्तुत किया। इसके बाद विद्यालय की छात्राओं ने समूह गान की मनोहारी प्रस्तुति से वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम में वंदना वर्मा (प्रांत संयोजिका, सप्तशक्ति संगम व उप प्रधानाचार्या, दुर्गावती हेमराज सरस्वती विद्या मंदिर, गाजियाबाद) ने सात शक्तियों के रूप में नारी के पूजनीय एवं बहुआयामी स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए उसकी सामाजिक और सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित किया। मुख्य वक्ता रेखा चूड़ासमा ने मातृशक्ति को नमन करते हुए नारी की सामाजिक भूमिका, दायित्वों तथा कुटुंब प्रबंधन के महत्व पर प्रेरक उद्बोधन दिया। इसके उपरांत आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र में आचार्या उर्मिला पुंडीर द्वारा भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रश्न पूछे गए, जिनका माताओं ने उत्साहपूर्वक उत्तर दिया। विद्यालय की छात्राओं ईशा, भूमि और खुशी वर्मा ने रानी पद्मावती, रानी लक्ष्मीबाई और रानी अहिल्याबाई के रूप में उनकी प्रेरक गाथाओं को जीवंत कर उपस्थित सभी का मन मोह लिया। “भारत के विकास में नारी की भूमिका” विषय पर पिंकी जैन ने प्रभावी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट माताओं डॉ. रिंपल चौधरी और नीति अग्रवाल का सम्मान भी किया गया। कुछ माताओं ने कार्यक्रम से जुड़े अपने भावपूर्ण अनुभव साझा किए, जो अत्यंत प्रेरणादायक रहे।अध्यक्षीय उद्बोधन शिवांगी बालियान द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन दुर्गेश नंदिनी ने सुचारु रूप से किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं जिला संयोजिका डॉ. वंदना शर्मा ने सभी अतिथियों, माताओं, छात्राओं एवं सहयोगियों का हृदयपूर्वक आभार व्यक्त किया। संपूर्ण कार्यक्रम मातृशक्ति के सम्मान, उत्साह, गरिमा और सांस्कृतिक बोध की भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।






