मुजफ्फरनगर। चरथावल क्षेत्र के दूधली गांव में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर विवाद गर्माता जा रहा है। तीसरे दिन भी किसान मजदूर संगठन के बैनर तले कुछ ग्रामीण कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे रहे, जबकि दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चकबंदी को शीघ्र संपन्न करने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधानी के भावी उम्मीदवार और उनके समर्थक कुछ स्वार्थी तत्वों के साथ मिलकर चकबंदी रुकवाने के प्रयास कर रहे हैं, जबकि लगभग 20 वर्षों से चल रही चकबंदी प्रक्रिया में 90 प्रतिशत किसान संतुष्ट हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसान मजदूर संगठन सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को गलत ठहराकर किसानों को भ्रमित कर रहा है।गांव के नक्शा-23 में किसानों की आपत्तियों जैसे रकबे में कमी और कीमत को न निपटाए जाने पर ग्रामीण नाराज हैं। एसओसी और डीडीसी अधिकारियों से मुलाकात के बाद भी अभी तक समाधान नहीं हुआ है। किसान चाहते हैं कि नक्शा-23 को सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही जारी किया जाए, अन्यथा वे धरने पर अनवरत बैठेंगे। इसके अलावा किसानों ने एसीओ अजय कुमार आर्य पर आरोप लगाया कि उन्होंने कुछ ही किसानों के काम को सही किया और शेष किसानों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि उनके खिलाफ विभागीय जांच और आय से अधिक संपत्ति की जाँच कर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि धरना केवल प्रशासनिक दबाव डालने के लिए नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार सुरक्षित करने हेतु है। उन्होंने आशा जताई कि प्रशासन न्यायपूर्वक चकबंदी प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराएगा।






