मुजफ्फरनगर। छपार टोल प्लाजा के डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस की घोर लापरवाही पर गुडवर्क का पर्दा डालने की नाकाम कोशिश की जा रही है। पुलिस यदि समय रहते ही कार्यवाही कर देती तो इस अनहोनी को टाला जा सकता है। पुलिस ने चार हत्यारोपियों को भले ही दबोच लिया हो, लेकिन शनिवार को दिन भर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर छपार टोल प्लाजा पर हंगामा चलता रहा। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए।
छपार टोल प्लाजा के मैनेजर मुकेश चैहान और डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय की बुधवार रात उनके कमरे में घुसकर पिटाई की गई थी। इसके बाद हमलावर डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय को जान से मारने की नीयत से लेकर फरार हो गए थे। रात में पुलिस को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन घटना को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसका नतीजा अरविंद पांडेय की हत्या के रूप में सामने आया। पीड़ित मैनेजर मुकेश चैहान शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक एसएसपी ऑफिस पर मेडिकल और रिपोर्ट के लिए भटकते रहे। मेरठ के जाॅनी क्षेत्र में डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय का शव मिला, तो पुलिस को हरकत में आने में देर नहीं लगी। छपार पुलिस ने देर रात हुई मुठभेड़ में हत्यारोपी शुभम उर्फ मनी निवासी मौहम्मदपुर राय सिंह थाना भौराकलां, शेखर निवासी गुलावठी को मुठभेड़ में गोली मारकर घायल कर दिया। तीसरे साथी प्रदीप निवासी बुलंदशहर को कांबिग में गिरफ्तार कर लिया।
शनिवार को हत्याकांड के विरोध में ग्रामीणों ने टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा किया। टोल को फ्री कर ग्रामीण धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि पुलिस लापरवाही नहीं बरती तो इस घटना को टाला जा सकता था। सीओ सदर डा. रविशंकर ने टोल प्लाजा के अधिकारियों से वार्ता कर मृतक के परिवार की हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए।
पांडेय हत्याकांड में कार्रवाई बनेगी नजीरः एसएसपी
मुजफ्फरनगर। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय की हत्या में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पांचवे की तलाश में दबिश चल रही है। घटना में प्रयुक्त दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया है। हत्याकांड में गैंगस्टर और रासुका जैसे बड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि वो नजीर बन सके। इसके लिए विधिक राय ली जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि पुलिस की लापरवाही मिलती है तो निःसंदेह कार्यवाही की जाएगी।






