मुजफ्फरनगर। जानसठ रोड स्थित लक्ष्मण बिहार में चल रही भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर कथा व्यास गंगोत्री तिवारी मृदुल जी महाराज ने धर्म और अध्यात्म से ओतप्रोत प्रवचन करते हुए कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार, अधर्म और दुराचार बढ़ता है, गौ-संतों और माता-पिता का अपमान होता है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतरित होकर पापियों का विनाश करते हैं और धर्म का परचम लहराते हैं।महाराज श्री ने नृसिंह अवतार, राम अवतार और कृष्ण जन्म की पावन कथा का मनोहर वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रभु के नाम का स्मरण ही जीवन का सार है। अजामिल जैसा पथभ्रष्ट ब्राह्मण भी जब भगवान का नाम स्मरण करता है, तो वह भवसागर से पार उतर जाता है। प्रभु का नाम चाहे जानबूझकर लिया जाए या अनजाने में, उसका प्रभाव अवश्य होता है।कृष्ण लला के जन्म प्रसंग और नाम महिमा का वर्णन सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भक्ति भाव से झूम उठे। वातावरण जय श्री कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर पवन अचिंत बंसल, दीप्ति बंसल, उमा बंसल, नरेंद्र कुमार बंसल, संदीप गुप्ता, गोपाल सैनी, संगीता सैनी, मंजू त्यागी, राजीव त्यागी, आलोक शर्मा, बी.के. सूर्यवंशी, अमरजीत भारद्वाज समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।






