किसान मजदूर संगठन ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष ठा० लोकेश राणा के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि संगठन पहले भी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे चुका है, जिसे 15 मई से 24 मई तक चलने के बाद प्रशासन से आश्वासन मिलने पर स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद सहारनपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर उन्हें भी समस्याओं से अवगत कराने की योजना थी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के उपरांत अब जिलाधिकारी से चर्चा का समय तय किया गया। ज्ञापन में बताया गया कि जल जीवन मिशन व विद्युत सुधार योजना में भ्रष्टाचार किसानों का आरोप है कि ये योजनाएं घोटाले की भेंट चढ़ गई हैं, जिससे ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल रहा। जनपद की दो प्रमुख नदियों में फैक्ट्रियों का गंदा पानी मिलाए जाने से ग्रामीणों को कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। किसानों ने आरोप लगाया कि चकबंदी प्रक्रिया में घोर भ्रष्टाचार हुआ है, जिससे गांवों में तनाव और झगड़े की आशंका बनी हुई है। डीएपी, एनपीके, यूरिया आदि खाद समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। किसानों ने मांग की कि इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। सरकारी व निजी बैंकों में लोन एवं सब्सिडी वितरण में घोटालों का आरोप लगाया गया।ग्रामीण इलाकों में मीटर रीडिंग से गलत बिल, बारिश में लंबी बिजली कटौती, तथा गांवों में कैंप न लगाए जाने जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। सरकारी, अर्धसरकारी व प्राइवेट स्कूलों की शिक्षा व बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला स्तरीय निगरानी टीम बनाने की मांग की गई। गांवों में बढ़ते आवारा गोवंश से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे निजात दिलाने की मांग की गई।इस अवसर पर ज्ञापन के साथ संगठन के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। संगठन ने मांग की कि जिलाधिकारी इन समस्याओं का संज्ञान लेकर शीघ्र समाधान कराएं।






