देशभर के लिए यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर आ गई है. अब आप जल्द ही हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन में सफर करेंगे. जी हां, भारतीय रेलवे ने एक और शानदार उपलब्धि हासिल कर ली है. चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन के कोच, यानी ड्राइविंग पावर कार, का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हुआ है.
रवि सिंह के अनुसार, यह कोच पूरी तरह से भारत में बनी तकनीक से तैयार किया गया है. इस सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो हाइड्रोजन ट्रेन जैसी आधुनिक और पर्यावरण के लिए अनुकूल तकनीक पर काम कर रहे हैं. जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद अब भारत भी इस लिस्ट में शामिल होने वाला देश बन गया है.
ये है ट्रेन की खासियत
यह हाइड्रोजन ट्रेन 1,200 हॉर्स पावर (HP) की ताकत के साथ बनाई जा गई है, जो इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बनाती है. इस ट्रेन की खासियत यह है कि यह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को मिलाकर बिजली पैदा करती है, जिसका एकमात्र उप-उत्पाद पानी और भाप है. यानी यह ट्रेन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है.








