मुजफ्फरनगर। क्रांति सेना के दर्जनों पदाधिकारियों ने बुधवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से भेंट कर नगर पालिका प्रशासन में कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कराने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल ने आरोप लगाया कि पालिका के वरिष्ठ अधिकारियों के संरक्षण में अनियमितताएं चरम पर हैं।
पदाधिकारियों ने बताया कि नगर की ऐतिहासिक ब्रिटिश कालीन कमला नेहरू वाटिका में ठेकेदार द्वारा दर्जनों हरे-भरे फलदार पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया। आरोप है कि मामला सामने आने के बावजूद अधिशासी अधिकारी और पालिका अध्यक्ष द्वारा इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही डीएफओ की मूल्यांकन रिपोर्ट में कटे पेड़ों का मूल्य कम आंकने और पर्यावरणीय क्षति का आकलन न करने पर भी सवाल उठाए गए। इसके अतिरिक्त, सफाई व्यवस्था से जुड़ी निजी कंपनियों पर कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाया गया। क्रांतिसेना के अनुसार दिल्ली की एक कंपनी द्वारा 369 तथा लखनऊ की एक कंपनी द्वारा 50 कर्मचारियों को पिछले एक वर्ष से पीएफ का भुगतान नहीं किया गया, जबकि नगर पालिका की ओर से संबंधित राशि कंपनियों को दी जा रही है। प्रतिनिधि मंडल ने विकास कार्यों में भी भारी कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी के कारण सड़कें, गलियां और नालियां समय से पहले क्षतिग्रस्त हो रही हैं। क्रांति सेना ने मांग की कि कमला नेहरू वाटिका में हुए पेड़ कटान की निष्पक्ष जांच, पर्यावरणीय नुकसान का पुनर्मूल्यांकन तथा दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में मंडल अध्यक्ष शरद कपूर, जिला अध्यक्ष मुकेश त्यागी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनम चौधरी, महानगर अध्यक्ष देवेंद्र चौहान, जिला उपाध्यक्ष मंगतराम सोनकर, नरेंद्र ठाकुर, उज्ज्वल पंडित, राजेंद्र तायल, अरविंद कौशिक, शैलेंद्र विश्वकर्मा, निकुंज चौहान, गौरव शर्मा एवं मिथिलेश गिरी सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।





