मुजफ्फरनगर। नगर पालिका में 218 निर्माण कार्यों की निविदाओं में दस्तावेजों के फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई हे। चरथावल के बीडीओ ने अपनी रिपोर्ट में दो ठेकेदारों के अनुभव प्रमाणपत्रों को फर्जी बताया है। भाजपा सभासद देवेश कौशिक समेत अन्य सभासदों ने टैंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाये थे। अब देखना है कि यह है कि बीडीओ की रिपोर्ट आने के बाद पालिका प्रशासन टैंडर प्रक्रिया को लेकर क्या फैसला लेता है।
शहर में विकास के लिए प्रस्तावित 218 निर्माण कार्यों की निविदाओं में फर्जी प्रपत्र लगाए जाने का मामला अब तूल पकडने लगा है। भाजपा सभासद देवेश कौशिक, योगेश मित्तल, राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, सीमा जैन और रजत धीमान आदि ने इस मुददा बनाकर अपनी प्रतिष्ठा से जोड लिया है। सभासदों द्वारा अधिशासी अधिकारी डाॅ प्रज्ञा सिंह को दिए गए शिकायती पत्र में प्राप्त निविदाओं में फर्जीवाडे के गंभीर आरोप लगाए है। उनका कहना था कि निविदाओं में कुछ ठेकेदारों द्वारा फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र, एफडीआर लगाए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे है।
अधिशासी अधिकारी डाॅ. प्रज्ञा सिंह ने चार मामलों की रिपोर्ट आने के बाद बीडीओ चरथावल से रिपोर्ट मांगी थी। सभासद देवेश कौशिक ने बताया कि बीडीओ ने अपनी जांच में उनके आरोपों की पुष्टि कर दी है।





