मुजफ्फरनगर। मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज समिति (रजि.) ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति ने बताया कि जिला समन्वयक (मिड-डे मील) के पद पर कार्यरत संविदा कर्मचारी विकास कुमार त्यागी के खिलाफ कथित रूप से उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने बताया कि विकास कुमार त्यागी पिछले 15 वर्षों से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मुजफ्फरनगर में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। आरोप है कि वर्तमान बीएसए संदीप कुमार व्यक्तिगत रंजिश के चलते उनकी संविदा समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रेस वार्ता में बताया गया कि विकास त्यागी की पत्नी द्वारा 25 अप्रैल 2025 को बीएसए के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न से संबंधित शिकायत जिलाधिकारी के समक्ष दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत की जांच उप जिलाधिकारी खतौली एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, मुजफ्फरनगर द्वारा की जा रही है। समिति का दावा है कि इसी शिकायत के बाद से बीएसए द्वारा विकास त्यागी पर दबाव बनाया जा रहा है। समिति ने आरोप लगाया कि 15 दिसंबर 2025 को बीएसए द्वारा नियमों के विरुद्ध स्वयं की अध्यक्षता में एक समिति का गठन कर विकास त्यागी की संविदा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस पर आपत्ति दर्ज कराने के बाद वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) ने स्वयं को समिति से अलग कर लिया। समिति के अनुसार 7 जनवरी 2026 को बीएसए ने कार्यालय में स्टाफ के समक्ष विकास त्यागी से अभिरक्षा में रखी अलमारियों की चाबियां जबरन मांगीं। विरोध करने पर उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट का प्रयास किया गया। इस पूरी घटना की पुष्टि कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से होने का दावा किया गया है। प्रेस वार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि पिछले पांच महीनों से विकास त्यागी का मानदेय जानबूझकर रोका गया है, ताकि उन पर पत्नी द्वारा की गई शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा सके। राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज समिति ने जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर से मामले में निष्पक्ष जांच कराए जाने, उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने तथा पीड़ित कर्मचारी को न्याय दिलाए जाने की मांग की है।





