मुजफ्फरनगर में संयुक्त वैश्य मोर्चा ने वैश्य समाज के खिलाफ सोशल मीडिया पर की जा रही कथित आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणियों को लेकर गहरा रोष जताया है। मोर्चा पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रसन्न कुमार नामक व्यक्ति फेस बुक व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म के माध्यम से वैश्य समाज के लिए ‘बनिया, नरभस्मासुर, ईस्ट इंडिया कंपनी का आदमी, लाला जैसे शब्दों का प्रयोग कर समाज को अपमानित कर रहा है। इससे वैश्य समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है और सामाजिक वैमनस्य फैलने की आशंका जताई गई है। संयुक्त वैश्य मोर्चा ने मांग की है कि उक्त व्यक्ति की सोशल मीडिया आईडी को तत्काल प्रभाव से ब्लाॅक कराया जाए तथा उसके विरूद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, जिससे सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर अंकुश लग सके। ज्ञापन में 6 फरवरी को बावनदर्रा पुल के पास, वामनहेड़ी स्थित वैश्य समाज के उद्यमी अंशुल सिंघल एवं दीपक जैन की फैक्टरी में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जबरन घुसपैठ, गुंडागर्दी, अवैध मांगें रखने और फैक्टरी उखाड़ देने की धमकी देने का भी उल्लेख किया गया है। मोर्चा ने बताया कि संबंधित उद्योगों के पास प्रदूषण विभाग की वैध एनओसी मौजूद है, इसके बावजूद कुछ लोग प्रदूषण के नाम पर उत्पीड़न कर रहे हैं।
संयुक्त वैश्य मोर्चा ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उत्तर प्रदेश में व्यापारी वर्ग भयमुक्त होकर अपना व्यवसाय कर सके। ज्ञापन में ओटीटी प्लेटफाॅर्म नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई ‘घूसखोर पंडित’ नामक फिल्म पर भी आपत्ति जताई गई है। मोर्चा ने इसे ब्राह्मण समाज के प्रति अपमानजनक बताते हुए फिल्म पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि वैश्य समाज ब्राह्मण समाज का सम्मान करता है और उन्हें पूजनीय मानता है। मोर्चा ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि जिस प्रकार अन्य समाजों के लिए जातिसूचक शब्दों के प्रयोग पर कानूनी प्रावधान हैं, उसी प्रकार वैश्य समाज के लिए भी विशेष कानून बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके। ज्ञापन के साथ प्रसन्न कुमार की सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशाॅट भी संलग्न किए गए। ज्ञापन देने के दौरान शलभ गुप्ता एडवोकेट, सुनील तायल सहित संयुक्त वैश्य मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद रहे।





