मुजफ्फरनगर। खनन विभाग में तैनात खनन लिपिक पर अवैध वसूली और भट्ठा व्यवसायियों के शोषण के आरोप लगाते हुए मुजफ्फरनगर ईंट निर्माता समिति ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। समिति के पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोपी लिपिक को तत्काल प्रभाव से हटाने और उस पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
समिति ने आरोप लगाया कि खनन लिपिक कुलदीप पिछले कई वर्षों से विभाग में कार्यरत है और इस दौरान वह भट्ठा मालिकों को अवैध खनन के नोटिस भेजकर एक से दो लाख रुपये की अवैध मांग करता है। ज्ञापन में कहा गया कि लिपिक द्वारा धमकी दी जाती है कि यदि राशि न दी गई तो माइनिंग परमिट निरस्त करा दिया जाएगा या अवैध खनन का 8 से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगा दिया जाएगा। भट्ठा संचालकों का कहना है कि जो व्यापारी अपना भट्ठा बंद करने की सूचना देते हैं, उनसे भी वह रिसीविंग देने के नाम पर मोटी रकम वसूलता है और धमकी देता है कि रुपये न मिलने पर रायल्टी रिकवरी तहसील में भेज दी जाएगी। समिति का कहना है कि इस संबंध में कई बार लिपिक को अवगत कराया गया, लेकिन उसके व्यवहार में सुधार नहीं आया। समिति ने मांग की है कि आरोपी खनन लिपिक को तत्काल पद से बर्खास्त कर साफ छवि वाले कर्मचारी की नियुक्ति की जाए, जिससे भट्ठा व्यवसायियों का उत्पीड़न समाप्त हो सके। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार तथा सहारनपुर मंडलायुक्त को भी प्रेषित की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में समिति के अध्यक्ष और महामंत्री सहित कई भट्ठा व्यापारी मौजूद रहे।






