मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था बुधवार को पूरी तरह चरमरा गई, जब सफाई कर्मचारियों ने लंबित वेतन का भुगतान न होने पर अचानक हड़ताल कर दी। हड़ताल के शुरू होते ही अस्पताल के सभी वार्डों, ओपीडी और आपातकालीन कक्षों में गंदगी का अंबार लग गया। जगह-जगह कूड़ा जमा हो गया और दुर्गंध से मरीजों व तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से उन्हें नियमित वेतन नहीं दिया जा रहा, जिसके कारण उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कर्मचारियों ने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद ठेकेदार कंपनी और अस्पताल प्रशासन ने कोई समाधान नहीं निकाला, जिससे मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। हड़ताल में रामेश्वरी, कमलेश, ममता, शिक्षा, मुन्नी, अनीता, माधुरी, रेशू, नरेश, बबली, अमीता, विजय सहित ए-वन फैसिलिटी कंपनी के सुपरवाइजर व अन्य कर्मचारी शामिल रहे। इनका कहना था कि जब तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। उधर, अस्पताल आने वाले मरीजों में आक्रोश देखा गया। मरीजों ने कहा कि अस्पताल में उपचार के साथ स्वच्छता भी अत्यंत आवश्यक है, लेकिन सफाई न होने के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। कई वार्डों के बाहर कूड़े के ढेर और वाशरूमों में गंदगी से हालात और भी बदतर हो गए। हड़ताल के कारण अस्पताल प्रशासन भी मुश्किल में नज़र आया और वैकल्पिक प्रबंध की कोशिशें शुरू कर दी गईं। फिलहाल, कर्मचारियों की मांगों पर प्रशासनिक स्तर पर बातचीत की कोशिश जारी है।









