मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना में फीस को लेकर छात्र उज्जवल राना के आत्मदाह के बाद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की निंद्रा टूट गई है। तीन दिन तक छात्र की पुकार को अनसुना करने वाले अधिकारी अब मीटिंग दर मीटिंग का खेल खेल रहे हैं। उधर घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार को बुढ़ाना के डीएवी काॅलेज के गेट पर कई घंटे प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि काॅलेज प्रशासन और पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर छात्र ने यह कदम उठाया है। इस मामले में प्रबंधक और पीटीआई के साथ तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी शिकायत की गई है। उधर देर शाम उज्जवल ने दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया। बुढ़ाना के डीएवी काॅलेज के छात्र उज्जवल राना ने शनिवार को फीस जमा करने को लेकर हुई प्रताड़ना से तंग आकर काॅलेज परिसर में खुद को आग लगा ली थी। गंभीर रूप से झुलसे छात्र का फिलहाल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस अनहोनी के बाद से पुलिस-प्रशासन में अफरातफरी मची है। डीएम उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा ने घटनास्थल का मौका मुआयना करने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस अनहोनी के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि और राजनीतिज्ञ जाग गए है। रविवार को दिन भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक का दौर चलता रहा। सवाल उठता है कि आखिर तीन दिन तक छात्र उज्जवल राना की पुकार को क्यों नहीं सुना गया। छात्र ने काॅलेज प्रशासन के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को भी अपनी पीड़ा बताई थी। पुलिस भी बीच-बचाव को काॅलेज पहुंची थी, लेकिन किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित छात्र ने अपनी बात उठाने के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया, लेकिन हर तरफ से निराशा मिलने के बाद उज्जवल को आत्मदाह के प्रयास जैसा कदम उठाना पड़ा है। छात्र के आत्मदाह की घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार को काॅलेज के गेट पर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया, जहां पर जाट महासभा के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान भी पहुंच गए। उनका आरोप था कि काॅलेज प्रशासन और पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर उज्जवल ने यह कदम उठाया है। यही नहीं एफआईआर में कुछ लोगों के नाम नहीं दर्ज किए गए है। इसी बीच मौके पर पहुंचे सीओ गजेन्द्र सिंह ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि वो एफआईआर में जिसका नाम बढ़वाना चाहते है, वो उसका नाम दे सकते है। बाद में ग्रामीणों ने कोतवाली पहुंचकर काॅलेज के प्रबंधक, पीटीआई के अलावा तीन पुलिसकर्मियों के नाम भी बताए।
परिवार को इंसाफ दिलाने को लड़ी जाएगी लड़ाईः बालियान
जाट महासभा के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान ने कहा कि फीस जमा न करने पर छात्र को प्रताड़ित किया गया, जिस कारण छात्र ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। प्रधानाचार्य की एक वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें वो बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे है। उस भाषा से ही प्रधानाचार्य की मानसिकता उजागर हो रही है। पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्हांेने एफआईआर में कम धाराएं लगाने पर भी सवाल उठाए है। आत्मदाह के प्रयास के मामले में जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए, अन्यथा उनका संगठन आंदोलन करने में पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा दिए जाने की भी मांग दोहराई।
मंत्री अनिल बोले-पीड़ित परिवार को दिलाएंगे इंसाफ, होगी सख्ती कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने बुढ़ाना के आत्मदाह के मामले में डीएम उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा आदि अधिकारियों के साथ बैठक कर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस तरह की घटना बेहद दुखद है। छात्र फीस जमा करने में असमर्थ था, तो कम से कम काॅलेज प्रशासन को संवेदनशील होना चाहिए था। काॅलेज प्रशासन संवेदनशीलता दिखाता तो इस तरह की घटना को टाला जा सकता था। मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि डीएम और एसएसपी को बता दिया गया है कि पीड़ित परिवार हर दशा में संतुष्ट होना चाहिए। घटना के लिए जो भी जिम्मेदार लोग है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान पूर्व मंत्री योगराज सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक, प्रभात तोमर आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने पूरे घटनाक्रम पर किया मंथन
मुजफ्फरनगर। राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बुढ़ाना प्रकरण को लेकर पूरे घटनाक्रम को लेकर मंथन किया। बुढ़ाना से जुडे़ भाजपा कार्यकर्ताओं से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली। बाद में उन्होंने अधिकारियों से फोन पर बात कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाएं बेहद दुखदाई है। उन्होंने शाम के समय अधिकारियों के साथ इस मसले पर बैठक भी की।








