मुजफ्फरनगर। नई मंडी पुलिस ने पूर्व विधायक शाहनवाज राना को मुजफ्फरनगर जेल में रहते हुए मोबाइल पहुंचाने के आरोप में छोटे साहब जादे आहद राना को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आहद को आरोपी बनाकर कोर्ट से गैर जमानती वारंट प्राप्त कर लिया था। गुरूवार दोपहर आहद को कोर्ट में पेश किया गया।
राना स्टील पर छापे के दौरान जीएसटी टीम पर हमले के आरोप में पूर्व विधायक शाहनवाज राना को जेल जाना पड़ा है। इसके बाद राना के खिलाफ धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी हुई। कारागार में रहते हुए पूर्व विधायक राना के कब्जे से जेल प्रशासन ने मोबाइल बरामद किया था। जेल अधीक्षक ने इस मामले में शाहनवाज आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मोबाइल से मिला सिम पूर्व विधायक मौहम्मद गाजी ने अपने नौकर की आईडी पर उपलब्ध कराया था। इसी आधार पर पुलिस ने पूर्व विधायक गाजी को जेल भेजा था।
पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्यों का संकलन करते हुए शाहनवाज राना के छोटे बेटे अब्दुल आहद राना को आरोपी बनाया था। पुलिस ने पाया था कि आहद ने यह फोन अपने पिता तक पहुंचाया था। पुलिस ने कोर्ट से वारंट प्राप्त कर बुधवार देर रात चैकिंग के दौरान आहद राना को गिरफ्तार कर लिया। नई मंडी पुलिस ने दोपहर बाद आहद को कोर्ट में पेश किया।
सीज करने को चिन्हित संपत्ति की फाइल की ढूंढ़ हुई तेज
मुजफ्फरनगर। सिविल लाइन पुलिस ने एक साथ तीन मुकदमे दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक शाहनवाज राना के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की थी। गैंगस्टर के तहत शहर कोतवाली पुलिस ने पूर्व विधायक की करीब छह करोड की संपत्ति को चिहिंत करते अपनी रिपोर्ट दी थी। पुलिस अधिकारियों ने फाइल को अग्रिम कार्रवाई के लिए अग्रसारित कर दी थी। मोबाइल कांड में पूर्व विधायक के बेटे की गिरफ्तारी के साथ उस फाइल की ढूंढ भी मच गई, जिसमें गैंगस्टर के तहत संपति को चिहिंत किया गया था।






