मुजफ्फरनगर। ऋषि दयानन्द के अनन्य भक्त और जीवन भर यज्ञ और योग की अलख जगाने वाले आचार्य गुरुदत्त आर्य का रविवार सुबह निधन हो गया। तीसरे पहर नई मंडी स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
शहर के संतोष विहार निवासी 94 वर्षीय आचार्य गुरूदत्त आर्य रविवार तडके चार बजकर 18 मिनट पर ब्रह्मलीन हो गये है। आर्य की अंतिम यात्रा सतोष विहार स्थित संस्कार चेतना केद्र से शुरू होकर नई मंडी स्थित मोक्ष धाम पर पहुंची। सिसौली क्षेत्र के गांव मुंडभर निवासी आचार्य गुरुदत्त आर्य शुकतीर्थ के जीर्णोद्धारक और शिक्षा ऋषि वीतराग स्वामी कल्याणदेव जी महाराज के सगे भतीजे थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें वर्ष 1994 में राज्य शिक्षक पुरुस्कार से अलंकृत किया था।






