खतौली। तहसील क्षेत्र के ग्राम आदमपुर मोचनी में पेयजल संकट लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। गांव के लगभग आधा दर्जन हैंडपंप पिछले एक वर्ष से खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी और सूखे के बीच लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान सुभाष सैनी और ग्राम सचिव से हैंडपंपों की मरम्मत कराने की मांग की, मगर हर बार निधि न होने का बहाना बनाकर शिकायत को अनसुना कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि खराब पड़े हैंडपंप अब जंग खा चुके हैं और पूरी तरह अनुपयोगी हो गए हैं। ग्रामीण अरुण सैनी, मुकेश, योगेश, सुभाष, सूरज आदि ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारी समस्या के समाधान के प्रति उदासीन हैं। लोगों का कहना है कि सरकार से प्रत्येक गांव को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट मिलता है, फिर भी पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव समझ से परे है।पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को ऑनलाइन और लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र हैंडपंपों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। साथ ही ग्रामीणों ने ग्राम निधि और विकास कार्यों की जांच कराने की भी मांग की है।-खराब हैंडपंपों से परेशान ग्रामीणों ने लगाई गुहार
-एक साल से बंद पड़े हैंडपंप, मरम्मत के लिए नहीं मिल रहा निधि का सहारा, मुख्यमंत्री से की शिकायत
खतौली। तहसील क्षेत्र के ग्राम आदमपुर मोचनी में पेयजल संकट लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। गांव के लगभग आधा दर्जन हैंडपंप पिछले एक वर्ष से खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी और सूखे के बीच लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान सुभाष सैनी और ग्राम सचिव से हैंडपंपों की मरम्मत कराने की मांग की, मगर हर बार निधि न होने का बहाना बनाकर शिकायत को अनसुना कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि खराब पड़े हैंडपंप अब जंग खा चुके हैं और पूरी तरह अनुपयोगी हो गए हैं। ग्रामीण अरुण सैनी, मुकेश, योगेश, सुभाष, सूरज आदि ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारी समस्या के समाधान के प्रति उदासीन हैं। लोगों का कहना है कि सरकार से प्रत्येक गांव को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट मिलता है, फिर भी पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव समझ से परे है।पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को ऑनलाइन और लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र हैंडपंपों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। साथ ही ग्रामीणों ने ग्राम निधि और विकास कार्यों की जांच कराने की भी मांग की है।






