मुजफ्फरनगर। दाल मंडी में एक करोड़ से अधिक के पटाखे जब्त कर निःसंदेह खाकी ने अवैध भंडारण करने वालों को पसीने दिला दिए हैं। यह भंडारण तो सिर्फ बानगी भर है, शहर में अनगिनत गोदाम विस्फोटक सामग्री से भरे हैं, जिन पर कार्यवाही के लिए बड़े ऑपरेशन की जरूरत है, लेकिन खुफिया तंत्र कमजोर होने तक पुलिस इन गोदामों तक नहीं पहुंच पा रही है।
मुजफ्फरनगर को पटाखों का बड़ा बाजार माना जा रहा है, क्योंकि यहां हर साल अरबों-खरबों का कारोबार होता है। लाईसेंस धारकों के साथ अवैध रूप से पटाखा बेचने वालों की लंबी फेहरिश्त है। जिले भर में पटाखों के 12 लाइसेंसधारक है, जिनमें से सात शहरी क्षेत्र से जुडे़ है। लाइसेंस धारक तो अधिकांशतः काफी नियमांे का पालन करते है, लेकिन अवैध रूप से पटाखे बेचने वालों का पूरा कारोबार रिस्क से भरा होता है। चोरी-छिपे आबादी के बीच बने गोदामों में करोड़ों के पटाखों का भंडारण किया जाता है, जहां पर फायर से जुड़े किसी नियम का पालन नहीं होता है। कब बड़ा हादसा हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है।
पुलिस ने सोमवार रात को दाल मंडी में छापा मारकर सात गोदामों से एक करोड़ का पटाखा पकड़ा है। यह तो सिर्फ एक नमूना है। दाल और पान मंडी में अभी ढेर सारे और गोदाम है, जो पटाखों से लबालब है। इसके अलावा कृष्णापुरी, हनुमान चैक के ढाल, ब्रहमनान, कायस्थवाड़ा और मोती महल में बडे़ पैमाने पर अवैध भंडारण है। नई मंडी के कई इलाकों में भी यही हालात है, लेकिन पुलिस की नजर वहां तक नहीं जा पा रही है। उसकी सबसे बड़ी वजह मुखबिर तंत्र की कमजोरी है। सूचना तंत्र कमजोर होने के कारण लोग पुलिस पर विश्वास नहीं कर पा रहे है। शहर और नई मंडी में अवैध भंडारण इतना बड़ा है, उसे पकड़ना किसी बडे आॅपरेशन के संभव नहीं है। आगे की पूरी कार्यवाही अधिकारियों की इच्छा शक्ति पर निर्भर करती है।
भाजपाई कन्हैया आदि निकले एक करोड़ का अवैध पटाखों के वारिस
कप्तान संजय वर्मा की सख्ती और सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा की कोशिश रंग लाई
मुजफ्फरनगर। दाल मंडी के सात गोदामों से बरामद हुए एक करोड़ के अवैध पटाखों का वारिस कोई और नहीं भाजपा नेता कन्हैया शर्मा आदि निकले। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद उनके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। देर रात तक इस भाजपाई को बचाने की भरसक कोशिश होती रही, लेकिन उसके आका कामयाब नहीं हो सके। कन्हैया शर्मा लंबे समय से पटाखा कारोबार से जुड़ा है, लेकिन वो हर बार सेटिंग-गेटिंग के जरिए खुद को बचाता रहा है। कानपुर और अयोध्या में हुए विस्फोट के बाद सतर्कता बरत रही मुजफ्फरनगर पुलिस ने आबादी के बीच पान मंडी में सात गोदामों से एक करोड़ के अवैध पटाखों का जखीरा जब्त करने में कामयाबी हासिल की है। एसएसपी संजय वर्मा ने सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा को कड़ी कार्रवाई के लिए कहा था। दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के बीचोबीच पान मंडी में अवैध रूप से पटाखों का भंडारण किया गया है। सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा और सिटी मजिस्ट्रेट पंकज राठौर की अगुवाई में छापेमारी हुई, जिससे अवैध रूप से पटाखे बेचने वालों में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम ने यहां सात गोदामों से अवैध पटाखों का जखीरा बरामद किया है। सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश के अनुपालन में यह कार्यवाही की गई है। जब्त हुए अवैध पटाखों की कीमत एक करोड़ के करीब की है। इस अवैध भंडारण के मालिक कन्हैया शर्मा आदि के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्हांने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।







