मुजफ्फरनगर। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बीच करोड़ों के पटाखों के अवैध भंडारण ने विस्फोट के खतरे की घंटी बजा रखी हैं। कब कहां बड़ी अनहोनी हो जाए, कहना मुश्किल है। कई व्यापारियों ने गोदामों के अलावा घरों में भी पटाखों को छिपाकर अपने परिजनों को भी बारूद के ढेर पर बैठा रखा है। शहर की पान मंडी, दाल मंडी, ब्रहमनान और कृष्णापुरी में ऐसे गोदामों की भरमार है। वैसे पुलिस-प्रशासन सख्ती तो बरत रहा है, लेकिन इनपुट के कमी के चलते इन अवैध भंडारण तक नहीं पहुंच पा रहा है। हालांकि एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने सख्ती बरतते हुए पुलिस की संलिप्तता मिलने पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए है।
कानपुर और अयोध्या में विस्फोट के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बावजूद पटाखों के अवैध भंडारण पुलिस-प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत और एसपी देहात आदित्य बंसल लगातार आबादी के बीच अवैध भंडारण को लेकर सख्ती बरत रहे है, ताकि किसी तरह का हादसा न हो पाए। बावजूद इसके शनिवार को खतौली में एक मकान में विस्फोट हो गया, जिसमें गृह स्वामिनी झुलस गई थी। अवैध भंडारण को लेकर शहर के हालात तो बद से बदतर है। शहर की पान मंडी, दाल मंडी, ब्रहमनान, कृष्णापुरी, लोहिया बाजार से जुड़े हिस्सों में अवैध रूप से पटाखे बेचने वालों ने करोड़ों के पटाखों का अवैध भंडारण कर रखा है। गोदामों के अलावा घरों में पटाखों को रखने का रिस्क लिया गया है। पटाखे बेचने वालों के चेहरे बरसों से जग जाहिर है, लेकिन सेटिंग-गेटिंग के खेल के चलते वो पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई से बचते रहे है। जरा सी लापरवाही कब बड़े हादसे का सबब बन जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है। उनकी वजह से काफी लोगों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने रविवार को भी सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्वार्थ के मिश्रा को शहरी क्षेत्र में पटाखों के अवैध भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के लिए कहा है। साथ ही लोगां से अपील की है कि यदि उनकी पास कोई सूचना है तो उसे शेयर करें, उनका नाम गोपनीय रखा जाएगा।






