मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली पुलिस से हुई मुठभेड़ में पांच गौकश पकड़े गए। इनमें से तीन को सरकारी गोली लगने पर अस्पताल भर्ती कराया गया है। आरोपियों के पास दो बाइकों के साथ गौकशी के उपकरण बरामद हुए है। आरोपियों ने दो दिन पहले खांजापुर में गौकशी करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि 9 अक्तूबर को खांजापुर के जंगल में गौकशी हुई थी। उस समय पुलिस ने मौके से कई कुंतल गौमांस बरामद किया था, जबकि आरोपी भागने में कामयाब हो गए थे। गोकशों की धरपकड़ को सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक उमेश रोरिया के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। शुक्रवार रात को कोतवाली पुलिस टीम द्वारा दीदाहेड़ी चैराहा पर चैकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ लोग बाननगर अण्डर पास के पास गोकशी करने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस ने मौके पर घेराबंदी करते हुए ललकारा तो गोकशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम की जवाबी फायरिंग में तीन गोकश घायल हो गए। इनमें सोनू उर्फ फरीद पुत्र खालिद, फुन्ना उर्फ नजर पुत्र खालिद और मुजफ्फर उर्फ काला पुत्र कय्यूम शामिल है। उनके दो साथियों फैसल पुत्र अफसर अली निवासी मिमलाना और तनवीर पुत्र सलीम निवासी दधेडू थाना चरथावल को कांबिग के दौरान पकड़ लिया गया। आरोपियों के पास से गौकशी के उपकरण आदि सामान बरामद हुआ है।






