मुजफ्फरनगर। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज संगठन मुजफ्फरनगर के तत्वावधान में मंगलवार को परमपिता परमात्मा महर्षि वाल्मीकि के पावन प्रकट उत्सव के उपलक्ष्य में आस्था, मर्यादा और उत्साह से ओत-प्रोत भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। शोभा यात्रा का उद्देश्य समाज में सत्य, ज्ञान और शिक्षाओं के प्रकाश को प्रसारित करना तथा नशाखोरी, अनपढ़ता और दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन का संदेश देना रहा। इस अवसर पर वाल्मीकि रामायण और योगवशिष्ठ जैसे पवित्र ग्रंथों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई। शोभा यात्रा जिले के विभिन्न मोहल्लों और कॉलोनियों से टोलियों के रूप में प्रारंभ होकर टाउन हॉल मैदान में एकत्र हुई। दोपहर बाद यह शोभा यात्रा टाउन हॉल से निकलकर शिव चौक, भगत सिंह रोड, वाल्मीकि कॉलोनी, किला मोहल्ला, आबकारी रोड स्थित जगतगुरु वाल्मीकि धाम, नावल्टी चौक, रामपुरी स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर, अहिल्याबाई चौक, घास मंडी, अंसारी रोड, नई गंग नहर पुल, विश्वकर्मा चौक और गांधी नगर होते हुए कूकड़ा मंडी रोड स्थित वाल्मीकि मंदिर, अलमासपुर पर रात्रि 10 बजे संपन्न हुई।शोभा यात्रा में भगवान वाल्मीकि जी की भव्य पालकी के साथ आकर्षक धार्मिक, सांस्कृतिक और देश भक्ति झांकियां शामिल रहीं। वाल्मीकि समाज की वीरता और सांस्कृतिक कला का शानदार प्रदर्शन किया गया। बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और भजनों से वातावरण धार्मिक उत्साह से गूंज उठा। शहर भर में जगह-जगह श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों द्वारा शोभा यात्रा का फूलों से स्वागत किया गया तथा प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य व्यक्ति, धार्मिक गुरु, वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्शों से समाज को शांति, सदाचार और आदर्श जीवन की दिशा मिलती है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सामाजिक एकता और नैतिकता का संदेश फैलाना ही सच्ची भक्ति है।






