मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर पुलिस ने लग्जरी कारों का फर्जी वाडा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से एक करोड़ रूपये कीमत की पांच लग्जरी कारें बरामद की। गिरोह से जुड़ा मेरठ आरटीओ ऑफिस के बाबू दीपक समेत तीन लोग अभी फरार बताए गए है, जिनकी तलाश में दबिश चल रही है। पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने मंसूरपुर पुलिस के गुडवर्क को मीडिया से साझा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस को इनपुट मिला था कि क्षेत्र में लग्जरी कारों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें बेचने वाला गिरोह सक्रिय है। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम द्वारा शाहपुर कट के थार गाड़ी को रोका गया। थार सवार शहजाद मलिक निवासी परतापुर, प्रवीण कुमार निवासी नौचंदी मेरठ और रविन्द्र यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि कारों को फाइनेंस पर लेकर आरोपी आरटीओ और बैंक से साठगांठ कर नो ड्यूज तैयार करा लेते थे। बाद में इन कारों का रजिस्ट्रेशन कराकर बेच देते थे। पकड़े गए शहजाद कई लोगों से कारों के नाम पर मोटी रकम वसूल रखी है।
एसपी प्रजापत ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर थार समेत पांच गाड़ियां बरामद की गई है। दो फर्जी नंबर प्लेट और दो गाड़ियों की आरसी बरामद हुई है। आरटीओ मेरठ के बाबू दीपक द्वारा दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा किया जाता था। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। अभी इस गिरोह से जुडे कई खुलासे होने की उम्मीद है। सीओ खतौली रामाशीष यादव और मंसूरपुर इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्रा इस दौरान मौजूद रहे।







