मुज़फ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विजयदशमी पर्व का आयोजन प्रेमपुरी स्थित एक पब्लिक स्कूल के प्रांगण में किया गया। इस अवसर पर जिले के अनेक गणमान्य अधिकारी, स्वयंसेवक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता योगेंद्र कंबोज ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में सेवा भारती के विभाग मंत्री रमेश साईं उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता रमेश साईं ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेकर समाज सेवा की विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से देश के उत्थान का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1989 के कालखंड में देश को आत्मनिर्भर और शक्तिशाली बनाने के लिए अनेक योजनाओं का खाका तैयार किया गया था, ताकि भविष्य में कोई भी शक्ति भारत को कमजोर न कर सके। उन्होंने शास्त्र और शस्त्र दोनों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि “संघीय शक्ति कलयुगे” का नारा आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। उन्होंने स्वयं को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि यदि व्यक्ति मजबूत होगा तो कोई भी शक्ति उसके सामने विजय प्राप्त नहीं कर सकेगी। शाखा से दूरी बनाने वालों पर खेद प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि “जो लोग शाखा में नहीं जाते, वे एक प्रकार से अपने धर्म और राष्ट्रधर्म का अनादर कर रहे हैं। कार्यक्रम में बोलते हुए योगेंद्र कंबोज ने कहा कि परिवार के साथ-साथ राष्ट्र भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम सबको बिना स्वार्थ और बिना भय के राष्ट्र निर्माण के कार्य में जुट जाना चाहिए ताकि भारत पुनः विश्व गुरु बने। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, सभासद योगेश मित्तल, पवन बंसल, जयवीर सिंह, विपिन गुप्ता, अंकित एडवोकेट तथा जिला सह व्यवस्था प्रमुख बृजमोहन सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।कार्यक्रम के उपरांत आरएसएस हनुमान नगर शाखा द्वारा रामलीला टिल्ला से भव्य पथ संचलन निकाला गया, जो नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए गुजरा। पथ संचलन में स्वयंसेवक संघ की पारंपरिक गणवेश में अनुशासित पंक्तियों में चलते नजर आए। नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।









