मुजफ्फरनगर। भारतीय ई-रिक्शा मजदूर यूनियन के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। संगठन ने आठ सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपते हुए शासन-प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदेश गौतम के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में चालकों ने आरोप लगाया कि फिटनेस और लाइसेंस/इंश्योरेंस के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है तथा रूट निर्धारण की आड़ में उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को लगता है कि किसी भी चौराहे पर ई-रिक्शा प्रतिबंधित है, तो वहाँ स्पष्ट रूप से नो एंट्री का बोर्ड लगाया जाए ताकि चालक नियमों का पालन कर सकें। संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में रिक्शा रूट निर्धारण बंद करने, फिटनेस व लाइसेंस-इंश्योरेंस के नाम पर अवैध वसूली रोकने, रोडवेज अड्डा शहर से बाहर स्थानांतरित करने, ई-रिक्शा चालकों की बेटियों के विवाह हेतु अनुदान देने, दुर्घटना की स्थिति में क्लेम उपलब्ध कराने, पूर्ण जीवन बीमा करने तथा ई-रिक्शा को उद्योग के रूप में मान्यता देने की बात रखी। प्रदर्शनकारी चालकों का कहना था कि ई-रिक्शा चालकों को न्याय और सम्मान दिलाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।






