मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति ने गुरुवार को जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मेरठ पुलिस द्वारा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट रविंद्र सिंह भाटी को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए जाने का विरोध दर्ज कराया। समिति ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों का उल्लंघन बताया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 22 सितंबर को मेरठ पुलिस ने एडवोकेट रविंद्र सिंह भाटी को बिना किसी ठोस कारण और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए हुए हिरासत में ले लिया। समिति ने कहा कि यह कदम न केवल अन्याय है बल्कि गुर्जर समाज के आत्म-सम्मान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कुठाराघात भी है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि एडवोकेट भाटी देश भर में गुर्जर समाज के उत्थान, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक समरसता के लिए अहिंसात्मक एवं संवैधानिक मार्ग से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी से समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय से मांग की कि मेरठ पुलिस की इस कार्रवाई की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।एडवोकेट रविंद्र सिंह भाटी को अविलंब सम्मानपूर्वक रिहा किया जाए। भविष्य में किसी भी कार्यवाही से पहले संवैधानिक मर्यादाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए। ज्ञापन के अंत में समिति ने अनुरोध किया कि समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रकरण को महामहिम राष्ट्रपति तक पहुंचाया जाए, ताकि त्वरित न्याय सुनिश्चित हो सके। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।






