मुजफ्फरनगर। छपार टोल प्लाजा पर डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय की निर्मम हत्या के विरोध में राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज समिति ने प्रशासन और सरकार के सामने कड़ा संदेश भेजा है। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक पत्र में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और परिवार को मुआवजा देने की मांग की। समिति ने पत्र में घटना से जुड़े संदिग्ध तथ्यों को भी उजागर किया। उनके अनुसार, टोल ठेकेदार विनोद मलिक ने मृतक के शव मिलने से पहले ही हत्या की पुष्टि करने वाले बयान दिए, और पोस्टमार्टम हाउस तक भी नहीं पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने भीड़ जुटाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया। समिति ने बताया कि मृतक अरविंद पांडेय के साथ जुड़ी एफआईआर पारदर्शी नहीं थी और आरोपित अधिकांश कर्मचारी ठेकेदार के ही क्षेत्र व समाज से हैं। समिति का कहना है कि साक्षर और पारदर्शी कर्मचारियों को हटाकर केवल दबंग प्रवृत्ति वाले लोगों को नियुक्त करना साजिशपूर्ण नेटवर्क तैयार करने जैसी रणनीति प्रतीत होती है।समिति ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी उसी गिरोह द्वारा मूनी टोल प्लाजा पर फौजी के साथ हिंसा की गई थी।समिति ने मांग की कि मृतक अरविंद पांडेय के परिवार को 2 करोड़ रुपए रुपये मुआवजा दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। हत्या की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों और संरक्षण देने वालों को कड़ी सजा दी जाए। विनोद मलिक और उसकी मैनपावर कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए और उनके खिलाफ न्यायिक जांच की जाए। समिति ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की तो समाज की ओर से महापंचायत और उग्र आंदोलन किया जाएगा। समिति का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने जनमानस का धैर्य समाप्त कर दिया है और क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो चुका है। समिति ने सरकार और प्रशासन से कहा कि अब अन्याय और अपराधियों को संरक्षण नहीं बर्दाश्त किया जाएगा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।






